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Mummy ko apne dhosti ka chudai me illegal se sex kahaniya
#1
हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम शिवम जैन है और में जयपुर का रहने वाला हूँ.. दोस्तों में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसमे मैंने और मेरे दो पक्के दोस्तों ने मेरी मम्मी को पटाकर चुदवाया. हम तीनों जयपुर के एक कॉलेज में पड़ते है और हम अभी 3rd साल में है और कॉलेज में ही हम तीनों एक दूसरे से मिले और हम तीनों एक ही ब्रांच के है और जल्दी ही हम तीनों बहुत अच्छे दोस्त बन गये.

कॉलेज में आने के बाद हम तीनों ने पहली बार एक साथ ही ब्लूफिल्म देखी थी और फिर एक दिन हमे सेक्स स्टोरीज़ साईट मिली.. जहाँ पर हमें बहुत सारी सेक्स स्टोरी पड़ने को मिली. हम सभी को आंटी और जवान लड़के के बीच सेक्स स्टोरी बड़ी पसंद थी.. हम पिछले एक साल से लगातार सेक्सी स्टोरी पड़ रहे है और मुठ मारते है. फिर हम तीनों किसी बड़ी उम्र की औरत को ढूंढने लगे.. जिसके साथ हम सेक्स कर सके.. लेकिन हमारी किस्मत बहुत खराब थी और हमे इतना ढूंढने के बाद भी कोई नहीं मिली.

फिर हम तीनों में से एक ने जिसका नाम राजेश है उसने हमे एक आईडिया दिया और उसने कहा कि अगर वो मेरी मम्मी के साथ सेक्स करे तो कैसा रहेगा? तो पहले तो हम दोनों यानी में और प्रतीक ने उसे डांटकर चुप करवा दिया.. लेकिन ना जाने क्यों उसकी बात अब धीरे धीरे हमारे दिमाग़ में बैठ गयी और कुछ दिनों बाद हम तीनों बैठे हुए तो मैंने और प्रतीक ने राजेश को उसकी बात पर राज़ी होने का और उसका साथ देने का फैसला सुनाया.

तो अब हम तीनों ने सोचा कि पहले और कैसे किसकी मम्मी को फंसाया जाए.. क्योंकि मेरी मम्मी हाऊस वाईफ थी और उम्र 40 साल से ज्यादा थी और फिर हमने निर्णय किया कि मेरी मम्मी को पटाया जाएगा और उन्हे चोदा जाएगा.. दोस्तों मेरी मम्मी का नाम छाया जैन है और उनकी उम्र 45 साल है और जैसा कि आप सब जानते है कि इस उम्र में औरते थोड़ी मोटी होती है.. वैसे मेरी मम्मी भी है और उनके बूब्स बहुत अच्छे है और उनके बाल बहुत घने और लंबे है.

हम सबने निर्णय किया कि सबसे पहले सिर्फ़ एक ही मम्मी को पटाएगा फिर धीरे धीरे बाकी के दोनों को भी उसमे शामिल कर लिया जाएगा और हम सब सोचने लगे कि कैसे और कहाँ पर उनके साथ सेक्स किया जाए और कौन उन्हे पहले पटाएगा? तो राजेश ने कहा कि वो मेरी मम्मी को बहुत ज्यादा पसंद करता है और वो उन्हे पटाकर उन्हे चोदेगा और अब हम दोनों राज़ी हो गये. तो राजेश मेरे घर पर अब ज्यादा आने जाने लगा और मेरी मम्मी शाम के टाईम सब्ज़ी लेने मार्केट भी जाया करती थी.. कभी मेरे साथ तो कभी अकेले. तो जब भी मम्मी मार्केट अकेले जाती में राजेश को फोन कर देता और बता देता कि मम्मी आज अकेले मार्केट गयी है. तो राजेश वहाँ पर पहुंच जाता और मेरी मम्मी से मिलता और उनका सामान पकड़ने में मदद करता और साथ ही घर भी छोड़ने आता और ऐसे ही धीरे धीरे मम्मी का विश्वास उस पर बड़ने लगा और मैंने राजेश को मम्मी के बारे में कई बातें बताई कि उन्हे खाने में क्या पसंद है और उसे बहुत कुछ जानकारियां दी. मम्मी को आईसक्रीम और कचोरी बहुत ही पसंद है.. मैंने उसे यह भी बता दिया था.

एक दिन राजेश मेरे घर पर आया और उस समय मम्मी को मार्केट जाना था तो राजेश ने मम्मी से कहा कि वो उन्हे ले चलता है और फिर मम्मी उसके साथ चली गयी. फिर कुछ देर सामान खरीदने के बाद राजेश ने मम्मी को कहा कि उसका आईसक्रीम खाने का मन है क्या वो भी खाएगी? तो मम्मी ने मना कर दिया और कहा कि राजेश तुम खा लो.. तो राजेश ने पूछा कि क्या उन्हे आईसक्रीम पसंद नहीं है? तो मम्मी ने कहा कि नहीं.. उन्हे बहुत अच्छी लगती है. तो राजेश ने कहा कि तो फिर चलीये ना और वो मम्मी को ले गया.

फिर इसके बाद तो जब भी राजेश मम्मी के साथ मार्केट जाता तो उन्हे आइस्क्रीम पार्लर ले जाता और कभी कभी वो मम्मी को खुश करने के लिए आईसक्रीम घर पर ले आता. दोस्तों ऐसा चलते हुए दो महीने हो गये थे और राजेश ने मम्मी का पूरा विश्वास हासिल कर लिया और मम्मी का मोबाईल नंबर भी ले लिया. अब मम्मी को कभी भी कहीं भी जाना होता और पापा घर पर नहीं होते या में भी व्यस्त होता तो मम्मी राजेश को फोन करती और राजेश खुशी खुशी मम्मी के सामने हाज़िर हो जाता.

मम्मी उसके आने से बहुत खुश होती और उससे फोन पर भी बात करती.. राजेश मम्मी को मैसेज करता.. मैसेज में चुटकले हुआ करते या कोई कविता होती और मम्मी उसके मैसेज का जवाब भी दिया करती और राजेश हमें यह सब बताता रहता था. फिर एक दिन मम्मी को कपड़े लेने जाना था तो मम्मी ने मुझसे चलने को कहा.. लेकिन मैंने सर दर्द होने का बहाना लगा दिया और मम्मी को कहा कि वो राजेश के साथ चली जाए. तो मम्मी ने राजेश को कॉल किया तो वो फोरन राज़ी हो गया और मम्मी उसके साथ मार्केट चली गयी और करीब तीन घंटे के बाद मम्मी अकेली ऑटो से घर आई.

तो मैंने मम्मी से पूछा कि वो तो राजेश के साथ गयी थी फिर ऑटो से कैसे आई? तो मम्मी ने कहा कि राजेश के घर से फोन आया था तो उसे घर जाना पड़ा और वो ऑटो से आ गयी. फिर वो अपने रूम में कपड़े चेंज करने चली गयी और उसी शाम को हम तीनों प्रतीक के घर मिले.. तो मैंने वहाँ पर राजेश से पूछा कि घर पर ऐसा क्या काम आ गया था जो मम्मी को मार्केट में छोड़कर घर जाना पड़ा? तब राजेश ने बोला कि घर से कोई फोन नहीं आया था और फिर वो पूरी बात बताने लगा कि क्या हुआ और उसने बताना चालू किया कि मम्मी ने मार्केट से साड़ियाँ खरीदी और राजेश ने भी मम्मी का साड़ी पसंद करने में पूरा पूरा साथ दिया और मम्मी ने उसकी पसंद की हुई एक साड़ी भी खरीदी.

फिर हमेशा की तरह राजेश मम्मी को एक रेस्टोरेंट ले गया और वहाँ से उसने कचोरी पेक करवाई और फिर उसने मम्मी को कहा कि पास में पार्क है हम वहाँ पर चलकर ही खाते है और फिर मम्मी ने भी हाँ बोल दिया. फिर दोनों पार्क पहुंचे और कचोरियां खाई और वहीं पर बैठकर बातें करने लगे. तो राजेश ने अचानक मम्मी का हाथ पकड़ा और मम्मी को कहा कि आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो.

मम्मी यह सुनकर हैरान हो गयी और मम्मी को समझ में नहीं आया और कुछ देर के लिए वो बस वैसे ही रही और फिर राजेश ने मम्मी का हाथ चूम लिया. तो मम्मी ने अपना हाथ खींचा और राजेश को एक जोरदार थप्पड़ लगाया और कहा कि वो क्या बोल रहा है?

राजेश ने कहा कि हाँ वो उनसे बहुत प्यार करता है और आपके बिना नहीं रह सकता.. ऐसा बोलने लगा. तो मम्मी ने उसे एक और थप्पड़ लगाया और बोली कि वो उसकी माँ की तरह है और उनसे ऐसी बात करने की हिम्मत कैसे हुई? और वो अपना समान उठाकर चली गयी और ऑटो पकड़कर घर रवाना हो गयी. तो राजेश से यह सब सुनने के बाद में और प्रतीक ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे और बहुत देर तक हँसे और राजेश ने मुझसे पूछा कि क्या मेरी मम्मी ने घर पर कुछ भी नहीं कहा और उसके लिए झूट बोला? तो मैंने कहा कि हाँ..

फिर मैंने पूछा कि अब क्या करेंगे अपना प्लान तो फैल हो गया? तो प्रतीक ने कहा कि अगर आंटी ने राजेश के घर वालों को यह बात कह दी तो क्या होगा? तो हम सभी डर गये और हमने निर्णय लिया कि राजेश मम्मी को सॉरी बोल देगा और राजेश भी मान गया.. लेकिन राजेश की मम्मी के सामने जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी तो उसने उसी रात में मम्मी को फोन किया.. लेकिन मम्मी ने फोन नहीं उठाया और फोन कट कर दिया और राजेश बार बार फोन करता और मम्मी फोन कट कर देती. फिर राजेश ने मम्मी को सॉरी लिखकर मैसेज किए उसने उन्हे बहुत सारे मैसेज किए.

तो करीब 100 मैसेज के बाद मम्मी का जवाब आया कि राजेश कल उन्हे (मम्मी) से मार्केट में मिले और राजेश ने भी हाँ लिखकर जवाब में मैसेज भेज दिया. फिर अगले दिन दोपहर में मम्मी मार्केट के लिए घर से निकली और राजेश को जिस जगह मिलने को कहा था वहाँ पर मिली और राजेश पहले से ही वहीं पर मम्मी का इंतजार कर रहा था. तो मम्मी के पास पहुंचते ही राजेश मम्मी को सॉरी बोलने लगा और फिर मम्मी ने कहा कि अगर वो राजेश की हरकत को राजेश के घरवालों को बता दे तो क्या होगा?

राजेश ने यह बात सुनी और उसकी आँखो में आंसू आ गए और वो मम्मी के पैरों में गिर गया और मम्मी से सॉरी बोलने लगा. तो मम्मी ने उसे उठने को कहा और कहा कि अगर वो भविष्य में ऐसा दोबारा कुछ ना करे तो वो उसे माफ़ कर देगी और किसी को कुछ नहीं बताएगी. तो राजेश ने मम्मी से वादा किया कि वो ऐसा कुछ नहीं करेगा और अब इसके बाद अगले दिन हम दोनों राजेश और में मिले तो राजेश ने हमे पूरी बात बताई. तो मैंने कहा कि चलो अब मुसीबत टली और अब हम आगे कुछ नहीं करेगे और राजेश भी मेरी बात से सहमत था.

फिर बाद में प्रतीक राजेश से अकेले में मिला और राजेश की पूरी बात सुनने के बाद बोला कि राजेश तू ऐसे हार मत मान.. तू आंटी को चोदेगा और ज़रूर चोदेगा और उन्होंने तुझसे माफी मंगवाई है ना.. तो तू ऐसे चोदना कि वो तेरे पैरों में गिरे और बोले कि मुझे छोड़ो. फिर प्रतीक ने राजेश को बहुत भड़का दिया और राजेश को फिर से तैयार कर लिया और राजेश ने मुझसे मिलकर मुझे बताया कि वो एक बार और मम्मी को चोदने की कोशिश करना चाहता है. तो मैंने कहा कि ठीक है कर ले ट्राई और राजेश ने कहा कि अब प्रतीक के पास एक प्लान है और हम उसी पर चलेगें.

प्रतीक ने राजेश को फिर से मेरी मम्मी के पास जाने और उनका विश्वास हासिल करने को कहा.. राजेश ने ऐसा ही किया और करीब दो महीने की कोशिश के बाद राजेश ने मम्मी का खोया हुआ विश्वास फिर से वापस हासिल कर लिया और इसके बाद हमने यानी मैंने और राजेश ने प्रतीक से पूछा कि उसका आगे का प्लान क्या है?

प्रतीक ने कहा कि 15 दिन बाद होली है और उसके घरवालों ने होली की एक छोटी सी पार्टी रखी है जो कि पास के ही एक मेरिज हॉल में रखी गयी है.. वहाँ पर ही मेरी मम्मी को राजेश चोदेगा. तो हमने पूछा कि इतने सारे लोगो के बीच में यह सब कैसे होगा? और मम्मी वहाँ चिल्लाई तो सब आ जाएगें. तो प्रतीक बोला कि पार्टी में भांग का भी उपयोग होगा और हम आंटी, अंकल (यानी मेरे मम्मी, पापा ) को भांग पिला देंगे.. उससे काम आसान हो जाएगा. तो ऐसे ही 15 दिन निकल गये और होली का दिन आ गया.. में और मम्मी, पापा प्रतीक की बताई हुई जगह पर पहुंचे. वहाँ पर सब लोग होली खेल रहे थे और वहाँ पर कुछ तो भांग पीकर मस्त हो रहे थे. वहाँ पर प्रतीक के घरवाले और राजेश के मम्मी, पापा भी मौजूद थे.

फिर हम तीनों के माता, पिता एक दूसरे से मिले और होली खेलने लगे और करीब 30 मिनट के बाद में मम्मी, पापा के लिए ठंडाई लेकर गया.. तो मम्मी ने पूछा कि क्या यह नॉर्मल है? इसमें भांग तो नहीं है ना? तो मैंने कहा कि नहीं.. यहाँ पर बिना भांग वाली ठंडाई भी है और में आपके लिए वही लाया हूँ.

मम्मी, पापा दोनों ने पूरा पूरा ग्लास पी लिया और फिर से होली खेलने लगे और फिर बहुत देर बाद भांग का असर दिखना शुरू हुआ.. प्रतीक ने और मैंने मम्मी, पापा को एक-एक ग्लास और भांग वाली ठंडाई पिला दी और दोनों ने भांग पहली बार ली थी.. इसलिए उसका बहुत असर हुआ और पापा को नशा चड़ गया था. इसलिए वो सही तरह से खड़े नहीं हो पा रहे थे. तो मैंने और राजेश ने पापा को वहाँ पर बने एक रूम में ले जाकर लेटा दिया और पापा वहाँ पर जाकर सो गये. फिर दूसरी तरफ मम्मी की हालत भी अच्छी नहीं थी. उनको भी नशा बहुत चड़ गया था.

फिर प्रतीक मम्मी को एक दूसरे रूम में ले गया.. यह रूम मेरिज हॉल का सबसे अंदर का रूम था और मम्मी बार बार पापा को बुलाने के लिए बोल रही थी. तो प्रतीक ने कहा कि वो अभी बुलाकर लाता है और रूम बाहर से बंद करके हमारे पास आ गया और हमसे बोला कि प्लान के हिसाब से ही सब कुछ चल रहा है. अब राजेश का काम रह गया है और उसने राजेश को रूम के अंदर भेज दिया. प्रतीक मुझे अपने साथ एक दूसरे रूम में ले गया.. वहाँ पर एक टीवी रखा हुआ था और प्रतीक ने टीवी चालू किया तो उसमे मम्मी और राजेश दिखे.. तो प्रतीक ने बोला कि उसने रूम में एक कैमरा लगा दिया है ताकि हमें भी सब दिखता रहे.. हम दोनों वहाँ पर बैठ गये और टीवी देखने लगे..

फिर राजेश रूम में पहुंचा तो रूम में एक नाईट बल्ब जल रहा था और राजेश ने रूम को अंदर से बंद कर लिया था.. मम्मी बेड पर नशे में लेटी हुई रही थी राजेश मम्मी के पास गया और उन्हे देखने लगा और जल्दी से पूरा नंगा होकर मम्मी के ऊपर लेट गया और मम्मी का चेहरा चूमने लगा. फिर जल्दी से उसने मम्मी की साड़ी हटाई और मम्मी का ब्लाउज उतारा और पागलों की तरह उनके बूब्स दबाने लगा और उन्हे ब्रा के ऊपर से ही किस करने लगा.

फिर उसने उनकी ब्रा को भी हटा दिया और नंगे बूब्स देखकर वो पागल हो गया.. वो कभी तो उन्हे दबाता कभी उन्हे चूसता और कभी मम्मी को गले लगाता.. ताकि उनके बूब्स नंगे बूब्स को अपने नंगे सीने से चिपका सके.

फिर बूब्स के बाद वो नीचे पहुंचा और उसने मम्मी की साड़ी पूरी उतार दी और पेटिकोट भी उतार दिया और अब मम्मी पूरी नंगी ही गई.. मम्मी की चूत पर बहुत सारी झांटे थी. राजेश ने मम्मी की चूत पर हाथ फेरा और अपने हाथ से चूत को मसलने और दबाने लगा और फिर मम्मी की चूत को चाटने लगा और चूत चाटने के कारण मम्मी गरम होने लगी और आहे भरने लगी.. लेकिन राजेश कुछ परवाह ना करते हुए मम्मी की चूत को चाटने में लगा रहा. फिर दस मिनट चूत चाटने के बाद राजेश ने अपना लंड मम्मी की चूत पर रखा और अंदर घुसाने की कोशिश करने लगा और धीरे धीरे धक्के देकर अंदर घुसाने लगा.. तो उसके लगातार धक्के लगाने की वजह से लंड धीरे धीरे सरकता हुआ अंदर चला गया और वो पूरा लंड अंदर घुसाकर मम्मी के ऊपर लेट गया. तो लंड अंदर घुसने के कारण मम्मी ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी.. लेकिन उनके नशे में होने की वजह से और रूम में ज्यादा रोशनी नहीं होने की वजह से ज्यादा कुछ पता नहीं लगा और वो राजेश को अपना पति यानी मेरे पापा समझकर कुछ नहीं बोल रही थी.

फिर थोड़ी देर बाद राजेश हल्के हल्के.. लेकिन लगातार धक्के मारने लगा और मम्मी भी हर एक धक्के के साथ आहे भरती और कुछ देर बाद मम्मी ने राजेश के कंधो पर अपने हाथ रख लिए और अपने पैर को राजेश के लिए उठा दिया ताकि राजेश आसानी से लंड अंदर घुसा सके. तो दो मिनट के बाद राजेश ने अपनी स्पीड बड़ा दी और वो ज़ोर ज़ोर से धक्के मारता जिससे मम्मी तो मम्मी बेड भी हिलने लगा गया और रूम में सिर्फ़ मम्मी की ज़ोर ज़ोर से आहे गूंजने लगी और दोनों की जाँघो के टकराने की आवाज़ गूँजती और 15-20 धक्को के बाद राजेश ने ज़ोर से आह भरी और वो अकड़ सा गया और मम्मी के ऊपर गिर गया. राजेश ने अब हल्के हल्के धक्के मारे और फिर शांत होकर लेट गया.

मम्मी भी ठीक उसी टाईम झड़ने पर आ गई और उन्होंने भी राजेश को कसकर गले लगा लिया. राजेश और मम्मी दोनों सो गये. करीब 2 घंटे के बाद मम्मी की नींद खुली तो राजेश अब भी उनके पास ही सोया हुआ था.. तो मम्मी उठकर बैठी हुई और अपना सर पकड़कर बैठ गयी और थोड़ी देर इधर उधर देखने लगी कि वो कहाँ पर है और फिर उनका ध्यान अपने आप पर गया तो वो बिल्कुल नंगी थी और फिर उन्होंने अपने पास किसी को सोया देखा और मम्मी सोच में पड़ गयी.

फिर जब उन्होंने उसे अपनी और घुमाया तो उन्होंने राजेश को देखा और वो भी पूरा नंगा था. मम्मी के मुहं से एकदम चीख निकल गई और वो ज़ोर ज़ोर रोने लगी. तो मम्मी की चीख सुनकर राजेश की नींद खुल गयी और उसने जल्दी से लाईट का स्विच चालू कर दिया.. मम्मी ने जल्दी से बेड की चादर को खींचकर अपने बदन को छुपा लिया और राजेश ने मम्मी से पूछा कि वो चीखी क्यों? और मम्मी के एकदम पास आकर बैठ गया. तो मम्मी उससे बोली कि तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो? तो राजेश बोला कि आंटी आप ही तो मुझे यहाँ पर लेकर आई और आप जब यहाँ पर आई तो मेरे गले लग गयी और बोली कि कर ले जितना प्यार करना चाहता है और आज में तेरी हूँ और मैंने तो जाने की कोशिश भी की.. लेकिन आपने मुझे जाने नहीं दिया और फिर मैंने आपको प्यार किया. तो मम्मी ने कहा कि यह सब झूट है में ऐसा नहीं बोल सकती और राजेश बोला कि आंटी यह सब सच है अगर में आपसे कोई भी ज़बरदस्ती करता या आपको ज़बरदस्ती यहाँ पर लाता तो कोई ना कोई तो हमे देखता और आप चिल्लाती.. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ उल्टा आपने ही सब कुछ शुरू किया था.

तो मम्मी यह सब सुनकर और भी ज़ोर से रोने लगी. उन्हे विश्वास नहीं हो रहा था.. लेकिन वो अब क्या कर सकती थी? और मम्मी रोने लगी. तो राजेश मम्मी के पास गया और उन्हे संभालने लगा उन्हें चुप करने लगा.. लेकिन मम्मी चुप नहीं हुई. इस पर राजेश ने मम्मी को गले लगा लिया और बोला कि में आपको बहुत प्यार करता हूँ आंटी.. लेकिन मैंने यह सब नहीं किया.. यह सब आपने मुझसे खुद करवाया है और आपकी ही मर्ज़ी से यह सब हुआ है. तो मम्मी ने उसे अलग किया और हालात देखकर मैंने और प्रतीक ने सोचा कि अब हमे ही संभालना होगा और हम दोनों रूम पर गये और मैंने बाहर से दरवाजा बजाया तो थोड़ी देर तक कोई नहीं बोला.

फिर मैंने कहा कि राजेश कितना सोएगा जल्दी आजा मुझे भी घर जाना है. मम्मी पापा मेरा इंतजार कर रहे होंगे. तो अंदर से राजेश की आवाज़ आई हाँ में अभी आता हूँ तू चल में और प्रतीक जल्दी से अपने टीवी वाले रूम में आ गये और हमने देखा की मम्मी मेरी आवाज़ सुनकर बहुत पेरशान हो गयी और बोलने लगी कि अब तो वो कहीं मुहं दिखाने के लायक नहीं रहेगी.. जब सब लोग उन्हे राजेश के साथ इस रूम में देखेगे. तो राजेश बोला कि आंटी ऐसा कुछ भी नहीं होगा में आपसे प्यार करता हूँ और में ऐसा कुछ नहीं होने दूँगा जिससे आपकी इज़्ज़त पर आँच भी आए.

राजेश बोला कि आंटी आप जल्दी से कपड़े पहन लो और में बाहर जाकर शिवम को बातों में लगाता हूँ आप जल्दी से घर पहुँचो और उसने मम्मी को कपड़े उठाकर दिए वो भी एक-एक करके पहले पेटिकोट, फिर ब्रा और साड़ी जब मम्मी ने कपड़े पहन लिए तो राजेश ने मम्मी को कसकर गले लगाया और मम्मी से कहा कि में आपको बहुत प्यार करता हूँ और फिर बाहर आ गया और हमारे पास आकर बातें करने लगा और मम्मी चुपचाप निकल गयी और घर पहुंच गयी.. लेकिन हम तीनों बहुत खुश थे कि हमारा प्लान कामयाब हो गया और राजेश हम सब में बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि उसने तो चोदा था ना.

फिर हम अपने अपने घर गये.. तो मैंने मम्मी से पूछा कि वो पार्टी के बीच में कहाँ गायब हो गया थी? तो मम्मी सकपका गयी और बोली कि वो घर पर आ गई थी. तो मैंने पूछा कि किसके साथ? तो उन्होंने कहा कि राजेश के साथ. फिर उसी रात राजेश का मुझे कॉल आया कि वो मेरी मम्मी से अकेले में मिलना चाहता है.. मैंने पूछा कि क्यों? तू आज ही तो उनसे मिला है? यह मैंने उसे चिड़ाने के लिए कहा था. तो राजेश ने कहा कि यार समझाकर बस कल मुझे उनसे मिलना है तो मैंने पूछा कि कितनी देर और कहाँ पर मिलेगा? तो उसने कहा कि 3-4 घंटे के लिए और वो भी मेरे ही घर पर. तो मैंने हाँ बोल दिया.

फिर अगले दिन पापा ऑफिस से चले गये और सुबह 11 बजे के करीब मैंने मम्मी से कहा कि मुझे अपने दोस्तों से मिलने जाना है.. में जा रहा हूँ और शाम को ही आऊंगा. तो मम्मी ने ठीक है बोल दिया और में चला गया और मैंने घर से बाहर निकलते ही राजेश को कॉल कर दिया कि में घर से निकल गया हूँ और अब मम्मी घर पर बिल्कुल अकेली है और मैंने उससे कहा कि घर पर पहुंच कर मुझे कॉल करना और अपना मोबाइल चालू रखना में भी तुम्हारी सारी बातें सुनना चाहता हूँ.

राजेश ने हाँ कहा और राजेश सिर्फ़ 5 मिनट में मेरे घर पर पहुंच गया और मम्मी ने उसे बाहर से ही कह दिया कि शिवम घर पर नहीं है.. लेकिन राजेश ने कहा कि उसे आपसे (मम्मी) से ही काम है. तो मम्मी ने बाहर आकर बोला कि हाँ बोलो.. लेकिन राजेश मौका देखकर मम्मी को साईड में करके अंदर चला गया और अब मम्मी को भी अंदर जाना पड़ा.



राजेश ने गुलाब का फूल आगे किया और घुटनों पर बैठकर मम्मी को कहा कि आंटी कल आपने मुझे बहुत प्यार किया उसके लिए में आपको धन्यवाद बोलने आया हूँ प्लीज़ यह गुलाब ले लीजिए.. में फिर कभी कुछ नहीं बोलूंगा. तो मम्मी ने उससे वो फूल ले लिया और फिर एकदम खामोश रही.. राजेश ने खामोशी तोड़ी और उसने मम्मी से पानी मांगा.

तो मम्मी किचन में चली गयी और राजेश ने तेज़ी से दरवाजा बंद किया और मम्मी के पास किचन में चला गया और मम्मी को अपनी बाहों में ले लिया और मम्मी की गर्दन पर किस करने लगा और हाथों से मम्मी के बूब्स पकड़कर मसलने और दबाने लगा. तो मम्मी उससे छूटने की नाकाम कोशिश करने लगी.. लेकिन राजेश मम्मी को गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया और उसने मम्मी को बिस्तर पर पटककर बिना कपड़े उतारे ही सेक्स करना शुरू कर दिया.. उसने मम्मी की साड़ी को ऊपर उठाकर चूत चाटनी शुरू कर दी और मम्मी बार बार अपने पैरों से राजेश को लाते मारती रही.. लेकिन राजेश नहीं हटा. तो मम्मी ने कहा कि राजेश प्लीज़ ऐसा मत करो.. में तुम्हारी माँ जैसी हूँ कल जो हुआ वो कैसे हुआ में नहीं जानती.. प्लीज़ छोड़ दो मुझे.. मेरे साथ गलत सम्बन्ध मत बनाओ.. यह ग़लत है. लेकिन राजेश नहीं रुका.. वो चूत चाटता रहा और ज़ोर ज़ोर से बूब्स दबाने से मम्मी उत्तेजित होने लगी और अब मम्मी की चूत गीली होने लगी.

फिर राजेश ने मम्मी को छोड़ दिया. तो वो दोनों पसीने से भीगे हुए थे और राजेश मम्मी के पास लेटकर उन्हे किस करने लगा.. उनका पसीना पोंछने लगा और मम्मी सुबक़ रही थी.. लेकिन वो कुछ नहीं बोल रही थी. फिर मम्मी ने राजेश से पूछा कि राजेश तुमने मुझमें क्या देखा जो मुझे प्यार करने लगे और हमेशा में तुमसे प्यार करता हूँ बोलते रहते हो.. में तो इतनी मोटी हूँ? तो राजेश बोला कि आंटी आप मेरा पहला प्यार हो और आप बहुत सुंदर हो और आप अपने आपको मोटी बोलती हो.. लेकिन मुझे तो आप बहुत सुंदर लगती हो. मेरे लिए तो आप दुनिया में सबसे अच्छी औरत हो और फिर राजेश ने मम्मी को गले लगा लिया.

इस बार मम्मी ने उसका कुछ भी विरोध नहीं किया और राजेश आगे बड़ने लगा.. वो मम्मी के ब्लाउज को उतारने लगा.. लेकिन मम्मी ने राजेश का हाथ पकड़ लिया और उसे मना किया और कहा कि शिवम कभी भी आ सकता है प्लीज़ अभी मत करो और अगर उसने देख लिया कि में उसके दोस्त के साथ यह सब करती हूँ तो वो क्या सोचेगा?

राजेश यह सब सुनकर उठ गया और मम्मी से बिना कुछ बोले चला गया और मम्मी उसे देखती ही रह गयी और थोड़ी देर बाद राजेश प्रतीक के घर पहुंचा हम दोनों ने मम्मी को दोबारा चोदने की सलाह दी और राजेश बहुत खुश हुआ.. जैसे उसने कोई जंग जीत ली हो. तो 5 मिनट के बाद ही राजेश के पास मेरी मम्मी का कॉल आया.. राजेश ने कॉल रिसीव नहीं किया और कट कर दिया. तो मम्मी ने फिर से कॉल किया और राजेश ने फिर से कट कर दिया ऐसा 4 बार हुआ.. लेकिन जब 5वीं बार कॉल आया तो राजेश ने फोन उठाया और उसने बहुत गुस्से वाली आवाज़ बनाकर मम्मी से पूछा क्या हुआ? आप मुझे बार बार फोन क्यों कर रही हो? आपको तो मुझसे प्यार ही नहीं है और अगर प्यार होता तो आप मुझे कभी नहीं रोकती.

तो मम्मी ने कहा कि राजेश प्लीज़ मेरी बात समझो.. ऐसा नहीं है जैसा तुम समझ रहे हो और अब तो तुम भी मुझे अच्छे लगने लगे हो.. लेकिन अगर उस टाईम शिवम आ जाता तो और वो मुझे तुम्हारे साथ ऐसी हालत में देख लेता? तो राजेश ने पूछा कि कैसी हालत में? मम्मी शरमाते हुए बोली कि तुम्हारे साथ संबंध बनाते हुए तो वो क्या सोचता? प्लीज़ तुम मुझसे नाराज़ मत होना.. अब जब भी तुम जैसा भी कहोगे में वैसा ही करूंगी. तो राजेश बोला कि अच्छा आंटी तो कल शाम आप मुझे मार्केट में मिलो.. जिस टाईम आप आती हो और कल आप कुछ नहीं बोलोगी और मेरी पसंद के कपड़े पहनकर ही आना. तो मम्मी ने कहा कि ठीक है.. लेकिन कपड़े कौन से पहनने है? तो राजेश बोला कि आपके पास एक लाल कलर की साड़ी होगी आप वही पहनकर आना और जैसे नई दुल्हन के हाथों में चूड़ियां होती है.. पैरों में पायल होती है आप वो सब पहनकर आना. मम्मी ने हाँ बोल दिया और अगले दिन शाम को मम्मी राजेश के कहे अनुसार तैयार होकर जब मार्केट के लिए जाने लगी तो मैंने भी उनके साथ चलने को कहा.

तो उन्होंने मुझे साफ मना कर दिया और वो अकेली सजधज कर मार्केट चली गयी. फिर मार्केट में राजेश आया और उसने मम्मी को अपनी कार में बैठ लिया और कार लेकर एक सुनसान जगह पर पहुंच गया और मम्मी को अपनी और खींच लिया और किस करने लगा और मम्मी भी उसे किस करने लगी और फिर वो धीरे धीरे मम्मी की साड़ी उतारने लगा.

मम्मी ने कहा कि यहाँ पर? तो राजेश ने कहा कि हाँ यहाँ पर और फिर राजेश ने मम्मी को वहीं पर अपनी गाड़ी की पिछली सीट पर ले जाकर चोद दिया और फिर वो एक घंटे के बाद मम्मी को घर छोड़कर चला गया. तो दोस्तो इस तरह हमने अपनी प्लानिंग से मेरी मम्मी को राजेश से चुदवाया. दोस्तों अब हम तीनों मेरी माँ के साथ चुदाई का प्लान बना रहे है.. अगर हमारा प्लान सफल हुआ और हम तीनों ने मिलकर मेरी माँ को चोद दिया तो वो कहानी में अगली बार बताऊंगा.
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